• Helpline No :
  • |
  • Email: admissions@igu.ac.in
  • A+
  • A
  • A-
IGU

आईजीयू में विश्व फार्मासिस्ट दिवस” का आयोजन किया गया।

Published on: 25 Sep 2026

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग द्वारा 'फार्मास्यूटिकल सोसाइटी' के सहयोग से “विश्व फार्मासिस्ट दिवस” का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह कार्यक्रम “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” (Empowering Pharmacists for a Healthier Future) विषय पर आयोजित किया गया।

​इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने अपने संदेश में कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। किसी भी सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में फार्मासिस्ट केवल दवा उपलब्ध कराने वाले पेशेवर नहीं हैं, बल्कि वे मरीजों की सुरक्षा और सटीक इलाज की प्राथमिक कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और अनुसंधान का वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि वे स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर संस्थान का नाम रोशन कर सकें। कुलपति महोदय ने फार्मेसी के क्षेत्र में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल करियर की कामना की।

​वहीं कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने अपने संदेश में कहा कि फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धी भावना का विकास होता है और वे अपनी नैतिक व पेशेवर जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी और विद्यार्थियों के सफल भविष्य की कामना की।

​कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” केवल एक थीम नहीं, बल्कि फार्मासिस्टों को ज्ञान, कौशल एवं जिम्मेदारी के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश है। उन्होंने रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) के बढ़ते खतरे के बारे में जानकारी देते हुए दवाओं के सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल दवाओं का उचित उपयोग करके हम दवा-प्रतिरोध की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

​विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए डॉ. हेमंत कुमार सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में फार्मासिस्टों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दवाओं के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग तथा रोगियों के प्रति फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

​विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर विभाग द्वारा विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें रंगोली, क्विज, स्लोगन लेखन तथा पोस्टर प्रस्तुति प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रंगोली एवं पोस्टर के माध्यम से फार्मेसी, दवा सुरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित संदेश प्रस्तुत किए, जबकि स्लोगन लेखन में विद्यार्थियों ने फार्मासिस्टों की भूमिका एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रभावशाली संदेश दिए। क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों के फार्मास्यूटिकल विज्ञान एवं स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान का परीक्षण किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

​इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. स्नेह लता, डॉ. नीता, डॉ. निर्मला कुमारी यादव, दीक्षा, डॉ. बीना कुमारी, डॉ. ज्योति राठी, डॉ. संगीता, डॉ. संजीव कुमार और मनीष सहित विभाग के सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​कार्यक्रम के अंत में डॉ. निर्मला कुमारी यादव ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि मैं विश्वविद्यालय प्रशासन, सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूँ। उन्होंने सभी के सहयोग, समर्पण एवं सहभागिता के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका है।